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A Manual for Red Anarchy

A Manual for Red Anarchy

1) Blast Authority with Suspicion

2) Substitute constitutional processes by agitation

3) Stretch Law to the point of Disorder

4) Substitute decision making bodies by referendums

5) Make Nationalism elective: Separate if you want

6) Overlegislate: Make so many laws as will become unimplementable

7) Make India ungovernable: Right to Recall, Raise expectations to unachievable heights

8) Agitate, Agitate, Agitate: Know that political positions are to be used to undermine the basis of political power: and to gain acceptability. Keep the pot of revolution boiling.

9) Keep the security apparatus under relentless pressure.

10) Remember the classic tactics of Guerilla warfare:

i) Shoot and scoot, keep the targets changing

ii) be unpredictable: Support x today, y tomorrow, z the third, the cause is all important.

iii) Take a referendum to support every volte face

iv) keep membership and organisation nebulous: have a network of separate groups acting in tandem

v) Avoid centralised organisation, maintain plausible deniability

11) Remember the rules of United Front: Use and throw.

लाल अराजकता की नियमावली

1) संदेह के माध्यम से अधिकारत्व का विस्फोट कीजिये

2) संविधानिक प्रक्रियाओं को आंदोलनो से प्रतिस्थापित कीजिये

3) कानून एंव कानूनी प्रविधानो का ऐसे खींचतान करें, कि कानून अस्तव्यस्तथा मे परिवर्तित हो जाये ।

4) निर्णय लेने वाली संस्थाओं को जनमत संग्रहों से प्रतिस्थापित कीजिये

5) राश्ट्रवाद ऐच्छिक बना दीजिये : चाहें तो कश्मीर अलग कर लें

6) परे से अधिक कानून बनाइये, ताकि विधानिक प्रक्रियायें अ-कार्यान्वयित हो जायें

7) भारत को अनियंत्रित कर दीजिये : “वापस बुलवे का हक़”, इत्य. उम्मीदों को अप्र्राप्य स्तरों तक पहुंचाइये

8) उत्तेजित, उत्तेजित, उत्तेजित कीजिये : जान लीजिये कि राजकीय पदों का सही उपयोग राजकीय सत्ता की जडों को क्षीन करना है; अपनी निजी स्वीकार्यता बढाइये। क्रांति की हंडी उबलती रहनी चाहिये ।

9) रक्षा संस्थाओं को निरंतर दबाव मे रखें

10) छापामार रण के क्लास्सिक युक्तिओं को याद रखिये :

i) मारिये और भागिये : निशाने बदलते रहना चाहिये

ii) करनी कभी पूर्वानुमेय नही होनी चाहिये : आज रामदेव, कल अन्ना,       परसों केज्री … आज लोकपाल, कल अम्बानी, …

iii) हर काया पलट के पीछे एक जनमत संग्रह हो

iv) सदस्यता एंव संघटन मे अस्पष्टता रहे : अलग अलग गुठों के जाल के माध्यम् से काम चलायिये

v) केंद्रित सगठन मत रखिये , दिखावटी खंडनीयता कायम रखिये

11) सन्युक्त मोर्चे के नियम याद रखिये : इस्तेमाल कीजिये और फेंक दीजिये

Courtesy – Dr.Rahul Shastri

A Short Manual of Anarchy

A Short Manual for anarchy