Rising Bharat Swadeshi News Feed: October 13th 2020

  • Vaccine development
  1. देश में कहां तक पहुंची कोरोना वैक्सीन की तैयारी, हेल्थ मिनिस्टर ने सब बताया

Key points:

  1. देश में अगले साल तक कोरोना वैक्सीन सामने आ सकती है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने आज मंत्रियों के समूह को कोरोना वैक्सीन की तैयारियों को लेकर अपडेट दिया है।
  2. देश के अगले साल तक आ सकती है कोरोना की वैक्सीन|WHO ने भी इस साल के अंत तक या अगले साल के शुरू में कोरोना वैक्सीन की उम्मीद जताई है
  3. कोविड-19 का टीका कुछ ही महीनों में उपलब्ध होने की संभावना के बीच सरकार ने व्यापक स्तर पर कोल्ड स्टोरेज की पहचान करना शुरू कर दिया है। इसका मकसद है कि देशभर में टीके की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। एक राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह दवा क्षेत्र, फूड प्रॉसेसिंग और कृषि क्षेत्र की निजी और सरकारी कंपनियों से इनके लिए बात कर रहा है। साथ ही घर पर खाना डिलिवरी करने वाली स्विगी और जोमैटो जैसी कंपनियों के भी संपर्क में है। इस पूरी कवायद का मकसद तालुका स्तर पर रेफ्रिजरेटरों, कोल्ड स्टोरेज इत्यादि की व्यवस्था करना है जो टीके का भंडारण और वितरण कर सकें। इस पूरी कवायद के जानकार एक सूत्र ने यह जानकारी दी। सूत्र ने कहा कि टीका वितरण की एक योजना के अगले हफ्ते के मध्य तक जारी होने की संभावना है।
  4. अधिकतर टीकों को दो से आठ डिग्री सेल्सियस के तापमान में रखा जाएगा। सूत्र ने कहा कि अधिकतर टीके तरल स्वरूप में होंगे सिवाय कुछ को छोड़कर जिन्हें जमा कर रखा जाएगा। वहीं अधिकतर टीके कई खुराक वाली शीशियों में उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोल्ड स्टोरेज की सप्लाई चेन तैयार करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

(Navbahrat Times, 13 October 2020) News Link

  1. सान्वी एम प्राजित ने 1 घंटे में बनाई 33 डिश, सबसे कम उम्र में इतने पकवान बनाने वाली इस बच्ची का नाम एशिया और इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ

Key points:

  1. सान्वी को इस काम की प्रेरणा अपनी मां मंजिमा से मिली। मंजिमा खुद स्टार शेफ और कुकरी शो की फाइनलिस्ट हैं
  2. इस बच्ची का अपना यू ट्यूब चैनल भी है जहां वे दर्शकों को आसान रेसिपी बनाना सिखाती हैं
  3. इसका नाम एशिया और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ है। सान्वी ने जो चीजें बनाई उसमें इडली, वेफल, कॉर्न, फिटर्स, मशरूम टिक्का, उत्तपम, पनीर टिक्का, एग बुल्स आई, सैंडविच, पापड़ी चाट, फ्राइड राइस, चिकन रोस्ट, पैनकेक, अप्पम शामिल हैं। सान्वी एयर फोर्स के विंग कमांडर प्राजित बाबू की बेटी हैं। उनकी मां का नाम मंजिमा है।

(Dainik Bhaskar, 13 October 2020) News Link

  • Startup in Bharat by Bhartiya
    • Chennai-based Jnana Inventive is helping retailers connect with users online amid pandemic

Key points:

  1. Jnana Inventive’s SaaS application, e-vaadikkai, helps retailers gain online presence and connect with users under their own shop or brand name.
  2. Launched in 2018, Jnana Inventive is the brainchild of husband-wife duo Kalidoss Rajagopalan and DC Sinthuja, and is looking to help offline retail shop owners move their businesses online and connect with customers through its SaaS application, e-vaadikkai.
  3. E-vaadikkai was launched to solve these problems and help retailers grow their business online, he adds. At present, the SaaS application has over 100 retailers listed on its platform.
  4. Speaking about the core product, Kalidoss explains that e-vaadikkai helps retailers gain online presence and connect with the users under their own shop or brand name.
  5. Kalidoss explains that e-vaadikkai operates on a B2B subscription-based model. “Our pricing range starts from Rs 199 to Rs 499 per month. There are no hidden charges and commissions,” he adds. He also reveals that the subscription can be paid by the retailers after they start earning through the app.and Management for free, in partnership with FICCI and NATHEALTH.

(Your Story, 13 October 2020) News Link

  • Backed by Apollo Group, this edtech startup aims to bridge skills gap in the healthcare space

Key points:

  1. Hyderabad-based healthcare-focused edtech startup Medvarsity offers 140 courses in clinical and management areas for doctors, nurses, and general management personnel. It claims to have trained over three lakh medical professionals till now.
  2. The gaps in healthcare education led to the birth of Hyderabad-based Medvarsity, which was established and promoted by Apollo Group in 2000 with one vision: impacting healthcare through education.
  3. Launched as Apollo Medvarsity, the company was rebranded as Medvarsity Online in 2016 with the launch of a new website. Gerald Jaideep took over as CEO and the online varsity has over the years evolved into Asia’s largest healthcare edtech company.
  4. Medvarsity offers more than 140 courses in clinical and management areas for doctors, nurses, and general management personnel, including specialties such as diabetes, emergency medicine, cardiology, nutrition, wellness, healthcare informatics, mental health, NABH, and telemedicine. As many as three lakh medical professionals have been trained and certified.
  5. Medvarsity claims to have educated more than 1.6 lakh healthcare professionals on COVID-19: Awareness and Management for free, in partnership with FICCI and NATHEALTH.

(Your Story, 13 October 2020) News Link

  • How this tech startup tailored its business to see growth during the pandemic

Key points:

  1. Mirrorsize’s patent-pending technology uses a combination of AI, image processing, and data analytics to find precise body measurements and create bespoke outfits for customers.
  2. Mirrorsize, an AI company that offers a 3D body measurement tool with a laptop or smartphone camera, is making the most of the present situation.
  3. “COVID has turned out to be an opportunity for Mirrorsize, which has fast forwarded digital implementation among various customers,” says Arup Chakraborty, CEO and Founder, Mirrorsize.
  4. Mirrorsize is essentially a SaaS company, which charges fee on a subscription basis. It has three pricing models – small, medium, and enterprise.
  5. After getting a lot of customers during the pandemic, Mirrorsize, which was planning to raise funding early this year, decided to push this plan as well. The company has turned cash-flow positive and is in the ‘green zone’ as it onboarded more clients. (Your Story, 13 October 2020) News Link
  1. झारखंड: ‘ऑनलाइननहींऑन वॉलचलती है इस प्रेरक शिक्षक की पाठशाला

Key points:

  1. अभिभावकों की इजाजत से उनके घरों की दीवार पर थोड़ी-थोड़ी दूरी के साथ ब्लैक बोर्ड बनवा दिए गए, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके। इन्हीं ब्लैक बोर्ड पर छात्र, शिक्षक के पढ़ाए पाठ लिखते हैं और सवालों के जवाब भी लिखते हैं। डॉ. सपन कुमार खुद कम्युनिटी लाउड स्पीकर के ज़रिए बच्चों को पढ़ाई करवा रहे हैं।
  2. डुमरथर में एक किलोमीटर की परिधि में चार जगह चल रही इन विशेष कक्षाओं में इस वक्त 295 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं
  3. दूरस्थ जनजातीय इलाके में स्थित गाँव में अपने इनोवेशन से शिक्षा प्रदान कर रहे 44 वर्षीय सपन कुमार के मुताबिक सामुदायिक सहयोग से इन कक्षाओं को चलते हुए तीन महीने हो गए हैं। छोटे बच्चों का पठन-पाठन डुमरथर के ऊर्जा से भरे युवाओं के हवाले है। स्कूल के चार टीचर इन कक्षाओं को पढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। वह बताते हैं कि सुविधा को देखते हुए कक्षा एक और दो के बच्चों को उनके घर के सबसे नजदीक बैठाया जाता है। वह कहते हैं कि जब तक कोरोना संक्रमण काल चल रहा है वह इन कक्षाओं को इसी तरह संचालित करेंगे या फिर जब तक सरकार इन कक्षाओं को बंद करने के लिए नहीं कहती, तब तक यह इसी प्रकार संचालित होती रहेंगी।

(The Better India, 13 October 2020) News Link

  1. At 79, Mumbai Woman Uses Secret Recipe to Start Chai Masala Business from Home

Key points:

  1. During the lockdown, 79-year-old Kokila Parekh started a chai masala business from Mumbai home to keep herself active.
  2. The masala powder recipe has been passed down by her ancestors and Mrs. Parekh has been making chai and milk with it for her family members for years now. When guests come home they are served her famous masala chai with some hot snacks.
  3. Initially, Mrs. Parekh would make a few extra kilos to distribute among these circles but, last month, she decided to start selling her chai masala powder across the country.
  4. Since she had already mastered the secret recipe for the masala powder, the next step was to select a name for her brand. She went with – KT Chai Masala, short for ‘Kokila and Tushar’s Chai Masala’.

(The Better India, 13 October 2020) News Link

  • एक बायोगैस प्लांट से साल भर में 6 गैस सिलिंडर और खाद के खर्च को बचा रहा है यह किसान

Key points:

  1. हरियाणा में भिवानी जिला के ईशरवाल गाँव में रहने वाले अमरजीत पिछले 1.5 साल से जैविक खेती से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपने खेत में बायोगैस प्लांट भी लगवाया है, जिसकी मदद से वह जैविक खाद तो बना ही रहे हैं साथ ही रसोई तक गैस भी पहुँचा रहे हैं।
  2. अपने कारोबार के साथ-साथ अमरजीत समाज सेवा से भी जुड़ गए। अलग-अलग जगह होने वाली गोष्ठियों में वह जाते और हरियाणा में ज़्यादातर किसानों की समस्यायों, पर्यावरण और रासायनिक खेती के प्रभावों पर काफी चर्चा होती। उन्हें जैविक खेती और रासायनिक खेती के बीच का अंतर समझ में आया।
  3. अमरजीत ने पिछले साल ही अपने यहाँ बायोगैस प्लांट लगवाया है और इससे उन्हें न सिर्फ बायोगैस बल्कि स्लरी के रूप में तरल और ठोस, दोनों ही तौर पर अच्छी खाद भी मिल रही है। उनके घर में 4 पशु हैं और इनका जरा-सा भी गोबर वेस्ट नहीं जाता है। वह कहते हैं कि उनके यहाँ उत्पन्न होने वाला गोबर पूरी तरह से इस्तेमाल में लाया जा रहा है। इससे न तो गोबर खुले में पड़े रहने की समस्या है और न ही इससे कूड़ा-कचरा बढ़ रहा है। दूसरा, गोबर सीधा खेत में इस्तेमाल करने से इसमें मौजूद मीथेन भी खेतों में जाती थी, जो उनके मुताबिक मिट्टी के लिए ठीक नहीं होता है।
  4. बायो गैस प्लांट्स को लेकर देश में लोगों की धारणाएं बहुत अलग-अलग हैं। कुछ लोग कहते हैं कि उनके यहाँ यह कामयाब हुआ है तो कुछ लोगों के लिए यह एक असफल प्रयास रहता है। अमरजीत ने भी जब अपने यहाँ बायोगैस प्लांट बनवाना शुरू किया तो बहुत से लोगों ने उन्हें हिदायत दी कि वह न बनवाएं, कोई फायदा नहीं होता है। लेकिन अमरजीत ने उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया और अपने यहीं के एक स्थानीय मिस्त्री से इसका निर्माण कराया।

(The Better India, 13 October 2020) News Link

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